
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्तव Updated Mon, 09 Aug 2021 08:47 PM IST
सार
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मार्ग के किनारे रामायणकालीन पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही उस समय की घटनाओं का मनोहारी चित्रण किया जाएगा। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मार्ग के किनारे कोई अतिक्रमण न होने पाए।पत्रकारों से बातचीत करते उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला
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बैठक में अयोध्या, अंबेडकरनगर, गोंडा, बाराबंकी और बस्ती के सांसदों, विधायकों और जिलाधिकारियों से सुझाव भी लिए गए। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का विभाग की ओर से प्रस्तुतिकरण भी दिया गया। मौर्य ने कहा कि परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले सभी 5 जिलों में एक-एक नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह हाल्ट भी बनाए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मार्ग के किनारे रामायणकालीन पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही उस समय की घटनाओं का मनोहारी चित्रण किया जाएगा। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मार्ग के किनारे कोई अतिक्रमण न होने पाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर विशेष ध्यान दिया जाए। ड्रोन के माध्यम से रेखांकन इस माह के अंत तक जरूर करा लिया जाए। जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की कार्यवाही तेजी से की जाए।
अक्तूबर में इसके शिलान्यास कराए जाने की तैयारी की जाए। यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम भी किया जाए। इस परिक्रमा मार्ग पर 5 जिलों की 112 ग्राम सभाएं आ रही हैं। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग बस्ती जिले के मखौड़ा ग्राम से शुरू होगी। इसके रास्ते पर पड़ने वाले धार्मिक स्थलों को लिंक मार्ग से जोड़ा जाएगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री, राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण सचिव लोक निर्माण विभाग भी मौजूद रहे।
यूपी : एनएच-227 बी नाम से जाना जाएगा अयोध्या 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह होगी ठहरने की व्यवस्था - अमर उजाला - Amar Ujala
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