
लखनऊ, राज्य ब्यूरो। अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने के बाद सरकार इसके निर्माण की तैयारियों में जुट गई है। इस मार्ग को पर्यटन, रोजगार और व्यापार के दृष्टिकोण से भी उपयोगी बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ड्रोन सर्वे के जरिये इस मार्ग का अलाइनमेंट अगस्त के अंत तक पूरा करने और अक्टूबर में इसका शिलान्यास कराने की तैयारी करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को इस मार्ग के सभी पैकेज की शुरुआत एक-साथ कराने की हिदायत दी है।
84 कोसी परिक्रमा मार्ग को नये स्वरूप में धरातल पर उतारने के लिए उप मुख्यमंत्री ने सोमवार को लोक निर्माण विभाग मुख्यालय के कमांड सेंटर में उच्च स्तरीय बैठक की। इस मार्ग पर पांच जिलों-अयोध्या, अंबेडकरनगर, गोंडा, बाराबंकी व बस्ती की 112 ग्रामसभाएं आती हैं। बैठक में मार्ग निर्माण के लिए पांचों जिलों के सांसदों, विधायकों और जिलाधिकारियों से सुझाव लिए गए और विभाग की ओर से प्रस्तुतीकरण किया गया। 275 किलोमीटर लंबा और चार लेन (45 मीटर) चौड़ा यह मार्ग नेशनल हाईवे 227-बी के नाम से जाना जाएगा।
मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक, पौराणिक व पर्यटन स्थलों पर रामायण से जुड़े प्रसंगों की झांकियां दर्शाईं जाएंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह हाल्ट भी बनाए जाएंगे। इस मार्ग के किनारे रामायणकालीन वृक्षों की प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग की शुरुआत बस्ती जिले के मखौड़ा ग्राम से होती है। यहां पर भी ठहरने आदि की व्यवस्था के लिए सुविधाजनक विकास किया जाएगा।
मार्ग के निर्माण कार्य से जुड़ी गतिविधियों में तेजी लाने के लिए उप मुख्यमंत्री ने इस पर पड़ने वाले पांचों जिलों के जिलाधिकारियों को एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मार्ग के किनारे कोई अतिक्रमण न हो पाए।
UP: रोजगार और व्यापार के लिए भी उपयोगी होगा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, अक्टूबर में शिलान्यास की तैयारी का निर्देश - दैनिक जागरण
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