
ख़बर सुनें
मऊ। भीषण सड़क हादसे में चार मासूमों और एक महिला की मौत ने सभी को झकझोर दिया। बेलौली-सोनबरसा मार्ग पर पहले भी कई भीषण हादसे में अनेक लोगों की जान जा चुकी है। घटना के बाद घोसी निवासी जिऊत राजभर ने बताया जिस स्थान पर यह हादसा हुआ हैं, वहां पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं।
विज्ञापन
उन्होेंने बताया कि इसी मार्ग पर छह अप्रैल 1997 को सुबह करीब नौ बजे विवाह के बाद विदाई कराकर लौट रहे नवदंपति की कार की ट्रक की टक्कर में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। स्थानीय निवासी महेंद्र साहनी, मेवा लाल साहनी, राजेश कुमार, पारस साहनी ने बताया कि इस मार्ग पर आए दिन सड़क हादसे होती रहती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर रात्रि में वाहन चालकों द्वारा तेज गति से वाहन चलाने के कारण भी आए दिन काफी हादसे होतेे हैं। इसके अलावा थाना क्षेत्र के बसियाराम के साइफन वाली पुलिया के पास पुलिया के संकरी होने के कारण भी आए दिन हादसे होती रहती हैं। बावजूद इन दोनों जगहों पर न तो खतरे का कोई संकेतक लगाया गया है न ही सड़क के दोनों पटरियों के तरफ गहरे नाले को देखते हुए बैरिकेडिंग की गई है।
उन्होेंने बताया कि इसी मार्ग पर छह अप्रैल 1997 को सुबह करीब नौ बजे विवाह के बाद विदाई कराकर लौट रहे नवदंपति की कार की ट्रक की टक्कर में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। स्थानीय निवासी महेंद्र साहनी, मेवा लाल साहनी, राजेश कुमार, पारस साहनी ने बताया कि इस मार्ग पर आए दिन सड़क हादसे होती रहती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर रात्रि में वाहन चालकों द्वारा तेज गति से वाहन चलाने के कारण भी आए दिन काफी हादसे होतेे हैं। इसके अलावा थाना क्षेत्र के बसियाराम के साइफन वाली पुलिया के पास पुलिया के संकरी होने के कारण भी आए दिन हादसे होती रहती हैं। बावजूद इन दोनों जगहों पर न तो खतरे का कोई संकेतक लगाया गया है न ही सड़क के दोनों पटरियों के तरफ गहरे नाले को देखते हुए बैरिकेडिंग की गई है।
सोनबरसा मार्ग पर पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे - अमर उजाला
Read More
No comments:
Post a Comment