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रामजानकी मार्ग पर हादसे में किशोर की मौत, युवक गंभीर
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बरहज। क्षेत्र के मेहियवां गांव के निकट मंगलवार की दोपहर रामजानकी मार्ग पर किसी वाहन की चपेट से बाइक सवार युवक और किशोर घायल हो गए। लोगों ने उसे सीएचसी पहुंचाया। चिकित्सक ने किशोर को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
रामजानकी मार्ग पर मेहियवां गांव के निकट हुए हादसे के बाद कुटी फुलवरिया निवासी सचिन (12) पुत्र रामकिशोर और कोटवां रामपुर के अजय पुत्र गंधराज खून से लथपथ सड़क पर पड़े थे। लोगों ने दोनों को सीएचसी भेजा। वहां डॉक्टर ने सचिन को मृत घोषित कर दिया तथा गंभीर हालत में अजय को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सचिन की मौत की सूचना पर परिवार और ननिहाल के लोग अस्पताल पहुंच गए। बेटे की मौत से मां जयंती देवी का रो-रो कर बुरा हाल था। वह विक्षिप्त सी हो गई थीं। जबकि पिता रामकिशोर को कुद सूझ नही रहा था। इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह ने बताया कि शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया गया है।
मां की बात मान ली होती तो शायद बच जाती सचिन की जान
बरहज। 9वीं के छात्र सचिन की मौत से उसके गांव और ननिहाल कोटवां रामपुर में मातम पसरा हुआ है। अस्पताल आए लोगों का कहना था कि सचिन ने अपनी मां जयंती देवी की बात मान ली होता तो शायद उसकी जान बच जाती। लेकिन वह ममेरे भाई अजय के साथ ननिहाल जाने की जिद कर रहा था। मां की बातों को अनसुनी कर वह घर से निकल पड़ा। कुटी फुलवरिया निवासी रामकिशोर की चार संतानों में सचिन दूसरे नंबर का पुत्र था। लॉकडाउन में गोवा से गांव आए पिता रामकिशोर सचिन के लिए मोबाइल फोन लाए थे। वह ननिहाल जाते समय फोन पिता को दे गया था। उसे लेकर पिता का रो-रो कर बुरा हाल था।
बरहज। क्षेत्र के मेहियवां गांव के निकट मंगलवार की दोपहर रामजानकी मार्ग पर किसी वाहन की चपेट से बाइक सवार युवक और किशोर घायल हो गए। लोगों ने उसे सीएचसी पहुंचाया। चिकित्सक ने किशोर को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
रामजानकी मार्ग पर मेहियवां गांव के निकट हुए हादसे के बाद कुटी फुलवरिया निवासी सचिन (12) पुत्र रामकिशोर और कोटवां रामपुर के अजय पुत्र गंधराज खून से लथपथ सड़क पर पड़े थे। लोगों ने दोनों को सीएचसी भेजा। वहां डॉक्टर ने सचिन को मृत घोषित कर दिया तथा गंभीर हालत में अजय को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सचिन की मौत की सूचना पर परिवार और ननिहाल के लोग अस्पताल पहुंच गए। बेटे की मौत से मां जयंती देवी का रो-रो कर बुरा हाल था। वह विक्षिप्त सी हो गई थीं। जबकि पिता रामकिशोर को कुद सूझ नही रहा था। इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह ने बताया कि शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया गया है।
मां की बात मान ली होती तो शायद बच जाती सचिन की जान
बरहज। 9वीं के छात्र सचिन की मौत से उसके गांव और ननिहाल कोटवां रामपुर में मातम पसरा हुआ है। अस्पताल आए लोगों का कहना था कि सचिन ने अपनी मां जयंती देवी की बात मान ली होता तो शायद उसकी जान बच जाती। लेकिन वह ममेरे भाई अजय के साथ ननिहाल जाने की जिद कर रहा था। मां की बातों को अनसुनी कर वह घर से निकल पड़ा। कुटी फुलवरिया निवासी रामकिशोर की चार संतानों में सचिन दूसरे नंबर का पुत्र था। लॉकडाउन में गोवा से गांव आए पिता रामकिशोर सचिन के लिए मोबाइल फोन लाए थे। वह ननिहाल जाते समय फोन पिता को दे गया था। उसे लेकर पिता का रो-रो कर बुरा हाल था।
रामजानकी मार्ग पर हादसे में किशोर की मौत, युवक गंभीर - अमर उजाला
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