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घसियारा मंडी में पैदल मार्ग हुआ क्षतिग्रस्त - Hindustan हिंदी
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मिर्जापुर निज संवाददाता
नगर के पक्का पुल से विन्ध्याचल की तरफ जाने वाला मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। लगभग तीन वर्ष पूर्व एक करोड़ रुपये खर्च कर इमामबाड़ा से शिवपुर तक इस मार्ग का नवीनीकरण कराया गया था। अब इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर बडे़ बड़े गड्ढे हो गये हैं। यह मार्ग मिर्जापुर-इलाहाबाद मार्ग से भी जुडता है। नवरात्र में देश के कोन कोने से मां विंध्यवासिनी के भक्त दर्शन पूजन के लिये आते हैं। इसके बावजूद इस मार्ग की मरम्मत नहीं करायी जा रही है। यहीं नहीं नवरात्र मेले के पूर्व प्रति वर्ष सड़क की मरम्मत भी करायी जाती है। इसके बावजूद सड़क की सेहत नहीं सुधर रही है।
नगर को विंध्याचल से जोड़ने वाला यह मार्ग इलाहाबाद, वाराणसी,जौनपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर के लोगों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। नवरात्र मेले के दौरान ही नहीं बल्कि अन्य दिनों में भी इन जिलों से मां का दर्शन पूजन करने आने वाले श्रद्धालु इसी मार्ग से विंध्याचल पहुंचते है। विंध्याचल के नागरिक भी इसी मार्ग से नगर में प्रवेश करते है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। लोहिया तालाब के पास पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील हो गयी है। ओझला पुल से पांच सौ मीटर पूर्व सड़क पर बेसुमार गड्डे हो गये है। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे दुर्घटनाएं भी होती है। फिर भी सड़क की मरम्मत नहीं करायी जा रही है।

जासं, पिथौरागढ़ : विगत 67 दिनों से बंद चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-सोबला-तिदांग मार्ग के इस माह के अंत तक छोटे वाहनों के खुलने के आसार नजर आ रहे हैं। जिलाधिकारी के सख्त रवैया अपनाते ही केंद्रीय लोनिवि व बीआरओ सक्रिय हुए हैं। मार्ग बंद होने के बाद सीपीडब्ल्यूडी की टीम ने दारमा मार्ग का निरीक्षण किया।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दारमा मार्ग बीते 67 दिनों से बंद है। मार्ग के बंद होने से दारमा और चौंदास घाटी के तीन दर्जन गांव प्रभावित हैं। यहां ध्वस्त हुए मार्ग में पैदल सफर के दौरान पहाड़ से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक युवक की मौत तक हो चुकी है। आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। प्रभावित क्षेत्र के गांवों में खाद्यान्न से लेकर आवश्यक वस्तुओं का अभाव बना है। इसके बाद भी विभाग मार्ग खोलने के लिए तत्परता नहीं दिखा रहे थे।
बीते दिनों जिलाधिकारी आशीष चौहान ने सड़क से संबंधित विभागों की बैठक लेते हुए केंद्रीय लोनिवि और बीआरओ को 31 अगस्त तक मार्ग खोलने को कहा। उच्च हिमालय में लोडर मशीन आदि के लिए खच्चरों के माध्यम से तेल पहुंचाने को कहा। एक टीम को उच्च हिमालय जाकर सर्वे करने को कहा। सख्त निर्देश के बाद कुछ सकारात्मक पहल नजर आ रही है। हरकत में आए केंद्रीय लोनिवि ने नागलिंग में स्थानीय ठेकेदार को डोजर मशीन से मार्ग खोलने के निर्देश दिए हैं।
इससे पूर्व में भी बीते माह उच्च हिमालय में ठेकेदार आमोद नगन्याल द्वारा 22 किमी सड़क खुलवाई थी। अब नागलिंग से सोबला और सोबला ने तवाघाट के बीच मार्ग बंद है। ठेकेदार नागलिंग से नीचे की ओर मार्ग खोल रहा है और सीपीडब्ल्युडी वुर्थिग नागलिंग की तरफ मार्ग खुलवा रहा है। ठेकेदार ने बताया कि यदि मौसम ने साथ दिया तो एक सप्ताह के भीतर मार्ग पैदल चलने योग्य हो जाएगा। ठेकेदार ने नागलिंग से नीचे पांच सौ मीटर मार्ग खोल दिया है और विभाग वुर्थिग से लगभग चार सौ मीटर मार्ग खोल चुका है। वुर्थिग से नागलिंग के बीच मार्ग पूरी तरह ध्वस्त है।
Edited By: Jagran
साहिया। संवाददाता
कोठा बैंड-पंजिया मोटर मार्ग खस्ताहाल होने के कारण ग्रामीणों हर रोज जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक साल पहले ही पीएमजीएसवाई ने इस मार्ग का सुधारीकरण कार्य किया था, लेकिन सुधारीकरण के दौरान अनियमितताएं बरते जाने के कारण मार्ग अभी तक खस्ताहाल बना हुआ है।
स्थानीय ग्रामीण कुंदन सिंह, विरेंद्र सिंह, सरदार सिंह, सुल्तान सिंह, दलीप सिंह, धरम सिंह, खजान सिंह, मातबर सिंह, रणवीर सिंह ने बताया कि सुधारीकरण कार्य के दौरान कई जगहों पर सुरक्षा दीवारों के निर्माण को अधूरा छोड़ दिया गया है। बताया कि कोठा बैंड से पंजिया तक करीब सत्रह किमी सुधारीकरण के लिए चौदह करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से सुधारीकरण कार्य का समय पर निरीक्षण नहीं किए जाने के कारण गुणवत्तापरक कार्य नहीं किया गया। बताया कि इस मार्ग से कोठा, बुआर खेड़ा, ककाड़ी, कनबुआ, सकनी, पंजिया के ग्रामीण आवागमन करते हैं। करीब दो हजार की आबादी को यातायात सुविधा मुहैया कराने वाले मार्ग का जल्द सुधारीकरण करने की मांग ग्रामीणों ने की है। उधर, पीएमजीएसवाई कालसी के अधिशासी अभियंता बीसी पंत ने बताया कि मार्ग के डामरीकरण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। जल्छ ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
श्रीनंदा देवी राजजाज मार्ग उज्जवलपुर-सेम-धारकोट-घंडियाल मोटर मार्ग को ग्रामीणों ने घंडियाल तक मिलाने की मांग की है। सोमवार को ग्रामीणों ने अपनी इस मांग को लेकर उज्जवलपुर प्रतीक्षालय में अनिश्चतकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
धारकोट की महिला मंगल दल अध्यक्ष मंजू देवी, उपाध्यक्ष दीप्ति देवी आदि ने कहा कि उज्जवलपुर से सेम होते हुए घंडियाल तक सात किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति मिली थी। लेकिन करीब एक दशक पहले कुछ ग्रामीणों के विरोध के चलते यह मोटर मार्ग करीब साढ़े छह किमी धारकोट तक ही बना। जबकि इस सड़क को घंडियाल तक मिलना था। ऐसे में घंडियाल से गैरसैंण, आदिबदरी सहित चांदपुर के विभिन्न गांवों को जाने वाले ग्रामीणों को सड़क होते हुए पैदल चलना पड़ता है। इधर ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देते हुए यूकेडी नेता उमेश खंडूड़ी ने सड़क का निर्माण पूरा करने की मांग को लेकर अनिश्चतकालीन धरना-उपवास शुरू कर दिया है। आंदोलन के समर्थन में कलावती देवी, संजय कुमार, प्रमोद भंडारी, विवेक रमोला, सुनीता देवी, पुष्पा देवी, सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
सिढ़पुरा, संवाद सूत्र : सिढ़पुरा-सहावर बाया मोहनपुर तक सड़क बदहाल हालत में है। इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा है। वाहन चालकों को तो परेशानी ...