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Monday, December 6, 2021

जोखिम भरा है सिढ़पुरा-सहावर मार्ग पर सफर करना - दैनिक जागरण

सिढ़पुरा, संवाद सूत्र : सिढ़पुरा-सहावर बाया मोहनपुर तक सड़क बदहाल हालत में है। इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा है। वाहन चालकों को तो परेशानी तो होती ही है समय भी अधिक लगता है लेकिन लोक निर्माण विभाग लोगों की समस्या से अनभिज्ञ बना बैठा है। सड़कों के गड्ढे योगी सरकार के गड्ढा मुक्त सड़कों के फरमान को मुंह चिढ़ा रहे हैं।

सिढ़पुरा-सहावर बाया मोहनपुर तक 18 किलोमीटर का यह मार्ग बदहाल हो गया है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इस मार्ग पर वाहन चलाना ही नहीं पैदल चलना भी दूभर है। बरसात में तो हालात यह हो गए थे कि मार्ग के गड्ढों में जलभराव हो गया। अब भले ही जल भराव न हो लेकिन उखड़ी सड़क और गड्ढे युक्त मार्ग पर सफर मुश्किल भरा है। एक बार नहीं कई बार जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन से भी मार्ग को सही कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा है लोग परेशान हैं और जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग लोगों की समस्याओं से मुंह मोड़े बैठा है। दो साल से अधिक का समय बीत गया मार्ग की दुर्दशा नहीं सुधारी जा रही है। आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि अनभिज्ञ बने हुए हैं।

- गिरीश चंद्र पांडेय, स्थानीय निवासी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभी दो से तीन माह पूर्व सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन लोक निर्माण विभाग पर इसका कोई असर नहीं है। सिढ़पुरा-सहावर मार्ग इसका प्रमाण है।

- प्रमोद उपाध्याय, स्थानीय निवासी सड़क की हालत ज्यादा खराब है। स्टीमेट तैयार करा लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। शीघ्र ही सड़क को बनवाया जाएगा।

- नंद किशोर, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी

Edited By: Jagran

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विधायक आवास मार्ग का सीवरेज सिस्टम फिर फेल, फोरलेन पर भरा गंदा पानी - दैनिक जागरण

जागरण संवाददाता, हिसार : विधायक डा. कमल गुप्ता के आवासीय मार्ग पर लंबे समय से सीवरेज सिस्टम अव्यवस्थित है। एक बार फिर यहीं स्थिति बन गई है कि लक्ष्मीबाई चौक से फव्वारा चौक मार्ग पर सीवरेज सिस्टम जाम हो गया है। फोरलेन पर गंदे पानी का भराव हो गया है। जिसके कारण फोरलेन पर आवाजाही करने वालों लोगों के लिए यह परेशानी का सबब बन गया है। बार बार जनस्वास्थ्य विभाग की टीम लाइन को दुरुस्त करने का दावा करने के साथ साथ कार्य तो शुरु करती है लेकिन आज तक सीवरेज लाइन को दुरुस्त नहीं कर पाए है। हालात ये है कि आज भी सीवरेज का गंदा पानी पूर्णत्य एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) तक नहीं पहुंच पा रहा है। आसपास के लोगों की माने तो करीब 70 प्रतिशत सीवरेज लाइन जाम पड़ी है। यह हालात एक-दो दिन में नहीं बने बल्कि यह सालों से हालात बने हुए है।

शहर का वीआइपी मार्ग, फिर भी बदहाल

विधायक आवास मार्ग शहर का वीआइपी मार्गों में से एक है। कारण है कि इस मार्ग पर नगर निगम कमिश्नर से लेकर एडीसी, एसडीएम और आईजी तक के आवास है। इसके अलावा नूर निवास स्कूल व नगर निगम कार्यालय भी इसी मार्ग पर है। लोगों के लिए बनाया गया जिदल पार्क से लेकर ज्ञान केंद्र तक इसी मार्ग पर है। ऐसे में यह मार्ग वीआइपी मार्ग होने के साथ ही इस मार्ग पर सीवरेज सिस्टम अक्सर जाम ही रहता है।

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ये भी जानें : क्षेत्रवासियों ने सिस्टम पर कटाक्ष करते हुए आरोप जड़ा कि पूर्व में इस मार्ग पर जो सीवरेज लाइन बिछाई गई उस सीवरेज लाइन का लेवल सही नहीं है। यही कारण है कि यहां पर सीवरेज सिस्टम अक्सर अव्यवस्थित रहता है। सालों से अधिकारी सीवरेज लाइन बिछाने वाले ठेकेदार व इंजीनियरों के बचाव में इस समस्या को झेलते आ रहे है। जिसका खामियाजा इस क्षेत्र के लोग भुगत रहे है। वर्जन

शहर में कई जगह सीवरेज सिस्टम का बुरा हाल है। बड़े स्तर पर सरकार व प्रशासन को सीवरेज सिस्टम सुधारने के लिए नई प्लानिग के साथ कार्य करना होगा।

- मनोहर लाल, पार्षद एवं चेयरमैन (सीवरेज, ड्रेनेज व पेयजल की सब कमेटी), नगर निगम हिसार।

Edited By: Jagran

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विधायक आवास मार्ग का सीवरेज सिस्टम फिर फेल, फोरलेन पर भरा गंदा पानी - दैनिक जागरण
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आज होगा लिंक मार्ग के लिए सेना-प्रशासन का संयुक्त सर्वे - अमर उजाला

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लिंक रोड के लिए सेना-प्रशासन का संयुक्त सर्वे आज
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मेरठ। बागपत रोड-रेलवे रोड लिंक मार्ग के लिए सेना और प्रशासन का संयुक्त सर्वे मंगलवार दोपहर 12.30 बजे से शुरू होगा। इस 800 मीटर मार्ग निर्माण के लिए 52 कॉलोनियों के निवासियों को सड़क पर बैठना पड़ रहा है। स्कूली छात्र भी समय-समय पर प्रदर्शन कर रहे हैं। एमडीए की ओर से इस मार्ग को 36 मीटर चौड़ा महायोजना मार्ग कहा गया है।
इस सर्वे में जिलाधिकारी की ओर से प्रशासन की टीम का गठन किया गया है। इसमें सेना की ओर से एडम कमांडेंट, प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी दिवाकर सिंह, एमडीए सचिव चंद्रपाल तिवारी, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव, लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता एमडीए राजीव कुमार सिंह, सहायक अभियंता आरके गुप्ता, अवर अभियंता पवन कुमार शर्मा को शामिल किया गया है।
ये टीम सर्वे करने के बाद अपनी रिपोर्ट सेना और जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी। सर्वे करने के बाद अगर सेना सहमति देती है तो रक्षा मंत्रालय के लिए एमडीए द्वारा आवेदन किया जाएगा। इसके बाद ही 52 कॉलोनियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सकेगी।

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आज होगा लिंक मार्ग के लिए सेना-प्रशासन का संयुक्त सर्वे - अमर उजाला
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शीश मार्ग यात्रा का नगर में पुष्पवर्षा के साथ जोरदार स्वागत - अमर उजाला

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बागपत। गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर सोमवार को नगर में शीश मार्ग यात्रा निकाली गई। यात्रा का नगर में जगह-जगह सर्वसमाज के लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। यात्रा में नगर के सर्वसमाज के लोगों ने भाग लिया। जैन अतिथि भवन में लंगर कर प्रसाद वितरित किया गया।
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नगर की जैन धर्मशाला में गुरु तेग बहादुर की शहादत पर विशाल नगर कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें दिल्ली के अतिरिक्त अन्य प्रदेशों से आए ग्रंथियों ने गुरु तेग बहादूर के जीवन पर प्रकाश डाला। धर्मशाला में कीर्तन दीवान व गुरु तेग बहादूर का दरबार लगाकर अन्य प्रदेश व जनपदों से आए लोगों को सरोपा भेंटकर स्वागत किया गया।
गुरुद्वारा शीशगंज साहिब दिल्ली से चलकर शीश मार्ग यात्रा बागपत पहुंची। यात्रा नगर के राष्ट्र वंदना चौक से शुरू होकर होलिका चौक, शौकत मार्केट, गांधी बाजार, सर्राफा बाजार, यमुना रोड से गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर साहिब यमुना रोड पहुंची। जहां पर गुरद्वारे में अरदास हुई और गुरु प्रसाद वितरण किया गया। इसके उपरांत शीश मार्ग यात्रा कोर्ट रोड से होते हुए नगर के जैन अतिथि भवन पहुंची। वहां पर गुरु की अरदास के बाद लंगर कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर नंदलाल डोगरा, शादीलाल खुराना, जीत सिंह, गोपालदास नारंग, हिमांशु गुलियानी, मोहित, दीपक सिंधी, राजेश खुराना, लोट्टा उर्फ सचिन, अमन, मोंटी, सुरेन्द्र कुमार, सुनील खुराना, मोहित खट्टर, रोहन, ग्रवित अरोड़ा, कुनाल, तनिष्क, मोनू, सोनू ठेकेदार, हर्ष, गुन्नु, चुन्नु, संयम, सुमित, दीपू, तुषार, वैभव, भरत मौजूद रहे।

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शीश मार्ग यात्रा का नगर में पुष्पवर्षा के साथ जोरदार स्वागत - अमर उजाला
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नाली ओवरफ्लो होने से पानी महावीर मार्ग पर फैला, दुकानदार परेशान - अमर उजाला

बाजार की सड़क पर फैला नालियों का पानी । संवाद - फोटो : Narnol

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महावीर मार्ग पर ठाकुरजी मंदिर के पास नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा है। जिससे न केवल दुकानदारों को, बल्कि राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों की बार-बार शिकायत के बाद भी इस समस्या को समाधान नहीं होने से लोगों में रोष बना हुआ है। क्योंकि गंदा पानी उनकी दुकानों के सामने से बहने के कारण ग्राहक भी नहीं आते हैं। इससे उनकी दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। दुकानदारों ने नगर परिषद से नालियों की सफाई करवाने की मांग की है।
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दिनेश सोनी, नवीन राव, राजेश कुमार, दुलीचंद सैनी, मनीष बंसल, सतीश बंसल, महेश शर्मा, पंकज गुप्ता, वीरेंद्र कुमार, राहुल वर्मा ने बताया कि उक्त मार्ग पर नालियों की सफाई नहीं होने से वे अवरुद्ध हो गई हैं। जिसकी वजह से पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा है। कई जगह तो सड़क पर पानी भरा हुआ है। इससे स्थानीय दुकानदारों को काफी समस्या हो रही है, क्योंकि गंदे पानी के कारण दिनभर दुर्गंध आती रहती है। दुकानों के सामने पानी भरने से उनकी दुकानों पर नहीं आते हैं।
दुकानदारों का कहना है कि कुछ लोगों ने नाली पर अतिक्रमण कर बंद कर दिया है, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगा है।
गाड़ियों के आने-जाने से लोगों के ऊपर पड़ते हैं छींटे
नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने व जमा होने से स्थानीय दुकानदारों को परेशानी हो रही है। क्योंकि वाहनों के आवागमन के कारण गंदे पानी के छींटे उनकी दुकान में आते हैं। वहीं बाजार से गुजरने वाले ग्राहकों को परेशानी होती है। क्योंकि शादियों का सीजन होने के कारण प्रतिदिन काफी लोग बाजारों में खरीदारी के लिए आते हैं। दुकानदारों ने बताया कि यह समस्या पिछले एक पखवाड़े से बनी हुई है, जबकि नगर परिषद सफाई कर्मचारियों से प्रतिदिन नालियों की सफाई के लिए गुहार लगाई जाती है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
दुकानदारी हो रही प्रभावित
सफाई के अभाव में नालियां अवरुद्ध हो गई हैं, जिनका गंदा पानी ओवरफ्लो होकर उनकी दुकानों के बाहर भर रहा है। जिससे उनकी दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। नवीन राव, दुकानदार।
एक पखवाड़े से बनी है समस्या
पिछले एक पखवाड़े से यह समस्या बनी हुई है। नगर परिषद कर्मचारियों को भी कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। राजेश कुमार, दुकानदार।
दुकानदार ही नहीं राहगीर भी हैं परेशान
नगर परिषद अधिकारियों को संज्ञान में लेकर उक्त समस्या का जल्द समाधान करवाना चाहिए। क्योंकि इससे न केवल दुकानदार परेशान है, बल्कि बाजार में आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी हो रही है। वीरेंद्र कुमार, दुकानदार।

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नाली ओवरफ्लो होने से पानी महावीर मार्ग पर फैला, दुकानदार परेशान - अमर उजाला
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संपर्क मार्ग का शिलन्यास किया - Hindustan हिंदी

हल्द्वानी। कालाढूंगी विधान सभा के फतेहपुर में कलावती बैंक्वेट हाल के समीप संपर्क मार्ग का शिलान्यास प्रधान मीना निगलटीया और क्षेत्र पंचायत सदस्य तरुण बिष्ट ने किया। सोमवार को आयोजित हुए कार्यक्रम में मौजूद विधायक प्रतिनिधि विकास भगत ने बताया कि शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत के निर्देश पर जिला खनिज फाउंडेशन के मद से मार्ग का निर्माण किया जा रहा है जिसकी लागत लगभग 32 लाख रुपये है। इस दौरान ममता भट्ट, ,संजू कार्की, गीता जोशी, सगत सिंह नेगी, नारायण मेहरा, कैलाश भगत, गणेश जोशी, हिमांशु भट्ट, बहादुर परिहार, गोपाल जलाल ,बहादुर डांगी, मदन बिष्ट, लक्ष्मण बोरा, जीवन दुम्का, नीरू कार्की, पंकज मलरा आदि मौजूद रहे।

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संपर्क मार्ग का शिलन्यास किया - Hindustan हिंदी
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काशी विश्वनाथ परिक्रमा मार्ग में बने मंदिरों और स्थलों की मरम्मत, यूपी सरकार का प्लान समझिए - Aaj Tak

स्टोरी हाइलाइट्स

  • श्री विश्वनाथ धाम की परिक्रमा होगी आसान
  • धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यूपी सरकार की पहल
  • 70 किलोमीटर का है मुख्य परिक्रमा मार्ग

श्री काशी विश्वनाथ धाम (Shri Kashi Vishwanath Dham) जल्द ही अपने नए रंग रूप में नजर आने वाला है. 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM MODI) काशी कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाले हैं. काशी कॉरिडोर (Kashi Corridor) के निर्माण के साथ ही काशी और आसपास के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का पुनर्निर्माण करने की तैयारी भी शुरू हो गई है. विश्वनाथ पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को नए सिरे से तैयार करने की क़वायद जारी है. योगी सरकार की कोशिश है कि इसके ज़रिए धार्मिक पर्यटन को बल मिले.

क्या है योजना

विश्वनाथ पंचकोशी (पंचकोशी) परिक्रमा मार्ग 70 किलोमीटर का है. खास बात ये है कि ये ज्योतिर्लिंगाकार है. योगी सरकार ने काशी कॉरिडोर के निर्माण के साथ ही पूरे परिक्रमा मार्ग को व्यवस्थित करने और नए रूप में लाने की तैयारी शुरू हो गई है. इस योजना का DPR तैयार हो गया है. स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा. इस योजना के तहत पूरे परिक्रमा मार्ग कायाकल्प किया जाएगा. मार्ग में पड़ने वाले 108 मुख्य मंदिरों और कुंडों और जलाशयों का जीर्णोद्धार किया जाएगा. खास बात ये है कि यात्रा मार्ग में 40 से ज़्यादा यात्री निवास और धर्मशाला हैं, उनको भी सुविधाओं की दृष्टि से रेनोवेट किया जाएगा.

परिक्रमा मार्ग के लिए योजना बनाई गई है कि इन मंदिरों में जो मंदिर पुराने हैं, उनके पौराणिक गौरव को भी सामने लाने की कोशिश होगी. यहां और सुविधाएं विकसित करने की भी योजना बनाई गई है, जिससे रोज़गार की संभावनाएं बढ़ें और स्थानीय पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिले. दरअसल ये पूरी योजना धार्मिक पर्यटन विकसित करने को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.

योगी सरकार ने इससे पहले अयोध्या में इस तरह का कार्य शुरू किया है. इसमें मंदिर निर्माण के साथ ही पूरे शहर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित करने पर काम शुरू किया था, जिसमें परिक्रमा मार्ग के अलावा ख़ास तौर पर पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और रोज़गार के अवसर देने की योजना पर काम चल रहा है. काशी विश्वनाथ धाम के नए रूप में आने के बाद यहां श्रद्धालुओं और लोगों की संख्या बढ़ेगी. उसके लिए बेहतर सुविधाएं और पूरे परिक्रमा मार्ग का विकास जरूरी है.

पंचकोशी परिक्रमा की यह है मान्यता

बाबा विश्वनाथ के मंदिर का पंचकोशी ( पंचकोसी) परिक्रमा मार्ग 70 किलोमीटर लंबा है. दूरी भले ही इतनी हो, पर आम तौर पर पांच दिन में इसे किया जाता है. इसकी काफी मान्यता है. कहा जाता है कि ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति के लिए राम ने भी पंचकोशी परिक्रमा की थी. पांडवों ने भी अज्ञातवास में परिक्रमा की थी. आम तौर पर काशी में पंचकोशी परिक्रमा एक दिन, 3 दिन और 5 दिन की होती है. 

पांच दिन की परिक्रमा में हर दिन एक पड़ाव पार कर रात्रि विश्राम होता है. काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रोफ़ेसर राम नारायण द्विवेदी के अनुसार, कंदवा, भीमचंडी, रामेश्वर, पंच पांडव और कपिलधारा में पांच दिन की यात्रा में एक-एक रात्रि विश्राम का विधान है. इसके अलावा इस धार्मिक मार्ग पर मंदिर, कुंड, तालाब और यात्री निवास स्थल हैं. पंचकोशी परिक्रमा की ख़ास बात यह है कि इस यात्रा में सभी धार्मिक स्थल दाहिने तरफ स्थित हैं.

परिक्रमा मार्ग पर होगा यात्री सुविधाओं का विकास

सरकार ने पंचकोशी मार्ग पर कई तरह के आयोजनों की योजना बनाई है, जिससे स्थानीय लोगों को रोज़गार और नए व्यवसाय के अवसर मिलेंगे. इससे वेलनेस सेंटर, रिसार्ट, होटल के अलावा पर्यटन संबंधित व्यवसाय को गति मिलेगी. परिक्रमा पथ में पड़ने वाले कुंडों को भी सजाया संवारा जाएगा. इनमें से कई कुंड ऐसे हैं, जिनका ऐतिहासिक महत्व है. 

कुछ ऐसे स्थान हैं, जहां धार्मिक आयोजन और कथाएं होती हैं. उनको लैंडस्केपिंग के माध्यम से खूबसूरत बनाया जाएगा. श्री काशी विश्वनाथ धाम के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व पर काम करने वाले काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रोफ़ेसर राम नारायण द्विवेदी के अनुसार, पंच कोसी परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले धार्मिक स्थलों के बारे में पूरी जानकारी भी वहां और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसी जगहों पर लिखी जाएगी, जिससे देश के अलावा विदेशी पर्यटक और पहली बार परिक्रमा करने वाले भी इन स्थलों के बारे में जान सकेंगे. 

योगी सरकार तीन चरणों में इसे विकसित करने का कार्य करेगी. पहला चरण 9.92 करोड़, दूसरा चरण 23.86 करोड़ और तीसरा चरण 22.15 करोड़ में पूरा करने का लक्ष्य है.

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Traffic Diversion: मिलेगी राहत, कल से खुल जाएगा आगरा का ये मुख्य मार्ग - दैनिक जागरण

आगरा, जागरण संवाददाता। शाहगंज से सदर तहसील जाने वाला मार्ग रेल अंडरब्रिज (आरयूबी) के स्टील गर्डरों को बदलने का काम छह दिसंबर को पूरा हाे जाएगा। मंगलवार से इस मार्ग पर आवागमन शुरू हो सकता है। फिलहाल इस मार्ग के बंद होने के कारण शाहगंज से तहसील सदर की ओर जाने वाले लोगों को बदले हुए मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है।

नगला छऊआ आरयूबी के बाद रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने आगरा कैंट-दिल्ली रेलमार्ग के शाहगंज-सदर तहसील मार्ग के आरयूबी के स्टील गर्डरों को बदलने के लिए मार्ग बंद करने को ब्लाक मांगा था। पहले यह मार्ग एक दिसंबर से बंद होना था लेकिन किसी कारण इस दिन कार्य शुरू नहीं हो सका। इसलिए इसे दो दिसंबर रात 12 बजे से बंद किया गया। इससे इस मार्ग से आने-जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी एसके श्रीवास्तव के अनुसार, यह कार्य छह दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद इस मार्ग को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। इस मार्ग के बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्हें लगभग तीन से चार किमी का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।

यहां से गुजर रहे वाहन

- भोगीपुरा चौराहा से रूई की मंडी चौराहा होकर सदर तहसील चौराहा से पुलिस लाइन की तरफ आने वाले सभी वाहनों को भागीपुरा चौराहा से सीओडी चौराहा की ओर डायवर्ट करके साकेत चौराहा से कोठी मीना बाजार होकर जा रहे हैं।

- सदर तहसील चौराहा से रूई की मंडी चौराहा, शाहगंज की ओर जाने वाले वाहन सदर तहसील चौराहा से पचकुइंया होकर कोठी मीना बाजार रोड होकर शाहगंज की ओर से जा रहे हैं।

- रूई की मंडी चौराहा से सदर तहसील की ओर आने वाले वाहनों को रूई की मंडी से भोगीपुरा चौराहा होकर सीओडी चौराहा, कोठी मीना बाजार बाजार होकर जा रहे हैं। 

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Sunday, December 5, 2021

स्वार-किलाखेड़ा मार्ग को 83.59 लाख जारी - Hindustan हिंदी

स्वार किलाखेड़ा मार्ग का जल्द निर्माण होगा। केन्द्रीय मार्ग निधि योजना के अंतर्गत इस मार्ग निर्माण के लिए 83 लाख 59 हजार की धनराशि जारी कर दी गई है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर शासन द्वारा केन्द्रीय मार्ग निधि योजना के अन्तर्गत जनपद रामपुर में चालू कार्य हेतु 83 लाख 59 हजार की धनराशि अवमुक्त की गयी है। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किया गया है। इस जारी की गई धनराशि से जनपद में स्वार किलाखेड़ा मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य होना है। जारी शासनादेश में आवंटित धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों व समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि कार्य की विशिष्टियां, मानक व गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय तथा कार्य ससमय पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाय।

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स्वार-किलाखेड़ा मार्ग को 83.59 लाख जारी - Hindustan हिंदी
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मुरादाबाद-नैनीताल मार्ग पर लगा जाम, लोग परेशान - अमर उजाला

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टांडा। नगर के मुरादाबाद-नैनीताल मार्ग रविवार को एक बार फिर जाम की गिरफ्त में आ गया।चार घंटे तक लगे जाम से वाहनों की लंबी- लंबी कतारें लग गईं। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली से नैनीताल समेत उत्तराखंड के अन्य शहरों में जाने वाले पर्यटकों और दैनिक यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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टांडा के मध्य से गुजरने वाला नैनीताल-मुरादाबाद मार्ग नैनीताल जाने वाले पर्यटकों का सबसे पसंदीदा और छोटा मार्ग है। वाया बिलासपुर होकर नैनीताल जाने में टांडा मार्ग के इतर पर्यटकों को 40 से 50 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। जिसके कारण मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है। लेकिन, वाहनों के अत्यधिक दबाव के बाद भी पुलिस, तहसील प्रशासन और नगर पालिका मुख्य मार्ग पर मौजूद अस्थाई अतिक्रमण, मार्ग के दोनों ओर लगे खंभे और दुकानों के आगे खड़े होने वाले बेतरतीब वाहनों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं करता। जिसके कारण नगर के मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन घंटों जाम लगा रहता है। रविवार को सुबह ग्यारह बजे से शाम करीब चार बजे तक भारी लोड के वाहनों, गन्ने की ट्रालियों के चलते मार्ग पर जाम लगा रहा। घंटों वाहन रेंगते रहे जिससे पर्यटक और दैनिक यात्री भी परेशान हो गए। देर शाम जब वाहनों का आवागमन कम हुआ तो मार्ग सुचारु हो सका।

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मुरादाबाद-नैनीताल मार्ग पर लगा जाम, लोग परेशान - अमर उजाला
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मार्ग निर्माण में 1852 पेड़ बाधक - अमर उजाला

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इटावा। इटावा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग-92 के निर्माण की राह में वन एवं पर्यावरण विभाग की एनओसी का अड़ंगा रोड़ा बना हुआ है। विश्व बैंक ने 772.80 करोड़ रुपये से इटावा एनएच-2 से फतेहगढ़ तक सड़क चौड़ीकरण, बाईपास तथा अन्य कार्यों के लिए स्वीकृत कर दिए हैं।
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निर्माण कार्य विश्व बैंक से जुड़ी पीआईयू अर्थात परियोजना कार्यान्वयन इकाई को सौंपा गया है। निर्माण एजेंसी का कार्यालय फतेहगढ़ में खोला गया है। छह महीने बीत गए, लेकिन एनएच-92 की इटावा चंबल पुल से कर्री पुलिया तक के हिस्से की एनओसी वन एवं पर्यावरण विभाग से नहीं मिल सकी है।
इटावा जिले की सीमा में एनएच के किनारे स्थित 1852 पेड़ काटने को लेकर संशय बना हुआ है। पुराने नियम के तहत पेड़ों को काटकर सड़क चौड़ी कर दी जाती थी। नए नियम में पेड़ों के काटने पर रोक लगा दी गई है।
अब पेड़ों को काटने के बजाय एक जगह से उखाड़कर दूसरी जगह शिफ्ट करना होगा। अब नया नियम लागू करने में तमाम तकनीकी दिक्कतें भी आ रहीं है। इसी फेर में एनओसी उलझी पड़ी है।
इटावा से कर्री पुलिया तक तो 1852 पेड़ आ रहे हैं। आगे का हिस्सा मैनपुरी जिले में आता है। वहां भी पेड़ों की गिनती की गई होगी। अब इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों को उखाड़कर दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए आवश्यक मशीनरी नहीं है।
इस पर इतना खर्च होगा इसका भी अनुमान अभी नहीं लगाया जा सका है। निर्माण एजेंसी के एस्टीमेट में यह खर्चा शामिल नहीं है। यदि पेड़ उखाड़ने की नौबत आती है तो एस्टीमेट रिवाइज कर फिर से स्वीकृत कराना होगा।
लागत भी बढ़ जाएगी। हाईवे दक्षिणी सीमा पर स्थित चेन्नई, महाराष्ट्र को उत्तरी सीमा पर नेपाल और चीन से जोड़ता है। ग्वालियर से इटावा, फतेहगढ़-फर्रुखाबाद, कटरा-बरेली के पास यह हाईवे दिल्ली-लखनऊ फोरलेन से जुड़ जाता है।
वहां से कई मार्ग जुड़ते हैं, इससे करीब 20 से 25 हजार भारी वाहन इस हाईवे पर रोजाना दौड़ रहे हैं। हाईवे के चौड़ीकरण के लिए प्रस्ताव करीब तीन साल पूर्व प्रेषित किए गए थे। जिस पर अब विश्व बैंक ने पीआईयू से निर्माण कार्य कराने की स्वीकृति प्रदान कर दी है
अब फोरलेन होगा यह मार्ग
एनएच-92 को फोरलेन बनाया जाएगा। अब सात की बजाय दस मीटर चौड़ी सड़क होगी। दोनों ओर दो-दो मीटर की कच्ची पटरी होगी। आबादी क्षेत्र में कच्ची पटरी के साथ डेढ़ से दो मीटर चौड़ी नाली का भी निर्माण कराया जाएगा।
पहले फेज में बेवर से कर्री पुलिया तक 30 किमी के लिए 236 करोड़ 47 लाख रुपये इसी के साथ बेबर से फतेहगढ़ तक 52.730 किमी की दूरी के लिए 325 करोड़ 24 लाख, जबकि दूसरे फेज में कर्री पुलिया से शहर में नई मंडी के पास आगरा-कानपुर हाईवे एनएच-2 फ्लाईओवर तक 57.346 किमी के लिए 211 करोड़ नौ लाख रुपये व्यय के लिए निर्धारित किए जाएंगे।
टोल भी चुकाना पड़ेगा
हाईवे का चौड़ीकरण होने के साथ ही लोहिया नहर पुल तथा चौबिया के मध्य किसी भी स्थान पर टोल प्लाजा बनाया जाएगा। यहां हल्के-भारी वाहनों से आवागमन करने वालों को निर्धारित टोल टैक्स चुकाना पड़ेगा।
सड़क पहुंच चुकी है जर्जर हालत में
एनएच-92 का चंबल पुल से कर्री पुलिया तक आने वाला मार्ग जर्जर हालत में है। उदी चौराह से यमुना पुल के बीच तो सड़क में इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिनसे निकलना मुश्किल होता है।
आए दिन वहां दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। एनएच की ओर से गड्ढों को भी नहीं भरा गया है। यही हाल इटावा से बसरेहर और आगे तक का है। निर्माण कार्य शुरू न होने से सड़क की हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है।
शासन में लंबित है एनओसी
एनओसी देना राज्य और केंद्र सरकार का विषय है। यहां से सभी कागजात और सर्वे रिपोर्ट शासन के जरिये भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भेजी जा चुकी है। अभी एनओसी जारी नहीं हो सकी है। पेड़ों की शिफ्टिंग कैसे हो इस पर विचार किया जा रहा है।
- अतुल कांत शुक्ला, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी विभाग

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मार्ग निर्माण में 1852 पेड़ बाधक - अमर उजाला
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रोहतक-पानीपत रेल मार्ग पर पैसेंजर ट्रेन शुरू - दैनिक जागरण

जागरण संवाददाता, गोहाना: रोहतक-गोहाना-पानीपत रेल मार्ग पर 20 माह 11 दिन बाद रविवार को पैसेंजर ट्रेन की सीटी सुनाई दी। रेलवे विभाग इस मार्ग पर फिलहाल एक पैसेंजर ट्रेन शुरू की गई है। पैसेंजर ट्रेन शुरू होने से दैनिक यात्रियों को राहत मिली। हालांकि, सूचना के अभाव में पहले दिन कम यात्री सफर करने पहुंचे। जींद-गोहाना-सोनीपत के बीच सोमवार को पैसेंजर ट्रेन का परिचालन शुरू होगा।

कोरोना महामारी के चलते लाकडाउन में 24 मार्च 2020 को जींद-गोहाना-सोनीपत और रोहतक-गोहाना-पानीपत रूट पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया था। दोनों रूटों पर करीब करीब 20 ट्रेनें चलती थीं। इनमें 14 ट्रेनें पैसेंजर और छह ट्रेनें एक्सप्रेस हैं। दिसंबर, 2020 में हरिद्वार-बीकानेर के बीच एक्सप्रेस ट्रेन को शुरू किया गया था। यह ट्रेन गोहाना रेलवे स्टेशन से सप्ताह में प्रत्येक मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को गुजरती है। अजमेर से चंडीगढ़ के बीच भी एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालक काफी समय पहले शुरू कर दिया गया था। जींद-गोहाना-सोनीपत और रोहतक-गोहाना-पानीपत रूट पर लोगों को पैसेंजर ट्रेनें शुरू होने का लंबे समय से इंतजार था।

रविवार को रोहतक-गोहाना-पानीपत रूट पर एक पैसेंजर ट्रेन शुरू कर दी गई। ट्रेन 04972 जींद से सुबह करीब साढ़े चार बजे चली जो पानीपत से होते हुए गोहाना स्टेशन पर सुबह सात बजकर 57 मिनट पर पहुंची। यह ट्रेन गोहाना से रोहतक गई। 04971 ट्रेन रोहतक से चल कर सुबह साढ़े दस बजे गोहाना स्टेशन पर पहुंची और पानीपत से होकर जींद वापस गई। सोमवार को जींद-गोहाना-सोनीपत रूट पर एक पैसेंजर ट्रेन चलेगी। ट्रेन जींद से सुबह साढ़े दस बजे चलेगी और गोहाना करीब पौने बारह बजे पहुंचेगी। सोनीपत से यह ट्रेन दोपहर डेढ़ बजे चलेगी और गोहाना करीब ढाई बजे पहुंचेगी। लाकडाउन से पहले जींद-गोहाना-सोनीपत रूट पर तीन पैसेंजर ट्रेनें चलती थीं। विभाग ने पानीपत-गोहाना-रोहतक के बीच एक पैसेंजर ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया है। सोमवार से जींद-गोहाना-सोनीपत के बीच भी ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी। लोग अब सफर कर सकते हैं।

बलराम मीणा, स्टेशन मास्टर, गोहाना

Edited By: Jagran

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रोहतक-पानीपत रेल मार्ग पर पैसेंजर ट्रेन शुरू - दैनिक जागरण
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दो ग्रामों के बीच तीन किमी का मार्ग अधूरा - Patrika News

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दो ग्रामों के बीच तीन किमी का मार्ग अधूरा  Patrika News
दो ग्रामों के बीच तीन किमी का मार्ग अधूरा - Patrika News
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Saturday, December 4, 2021

आठ करोड़ से संवरेंगे बाईपास के मार्ग - अमर उजाला

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रायबरेली। शहर में बदहाल बाईपास के सुदृढ़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग ने आठ करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। बजट मिलने के बाद इसमें सुधार कराया जाएगा।
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यह सड़क नगर पालिका परिषद की है, लेकिन काम लोक निर्माण विभाग करवाएगा। त्वरित विकास योजना के तहत इस्टीमेट भेजा गया है। बाईपास का सुधार होने से तकरीबन 10 हजार लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
शहर में जाम की समस्या को देखते करीब पांच साल पहले पुलिस लाइन चौराहे से मामा चौराहे तक चौड़ीकरण कराया गया था। काम पूरा होने के बाद सड़क को एनएनएआई ने नगर पालिका परिषद को हैंडओवर कर दिया था।
बाईपास बनाने का मुख्य मकसद था कि शहर के अंदर से भारी वाहनों को निकालने के बजाय इससे निकाला जाए। मार्ग का रखरखाव न होने और भारी वाहनों के निकलने से इसमें जगह-जगह हो गड्ढे गए हैं।
इससे भारी वाहन शहर के अंदर से निकल रहे हैं। इससे जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। बदहाल मार्ग से लोग हिचकोले खाते हुए निकलते हैं।
ओवरब्रिज का एप्रोच होगा दुरुस्त
इसी बाईपास मार्ग पर मामा चौराहों पर रेलवे क्रासिंग पर चार साल पहले ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया है। जो रायबरेली-प्रयागराज हाईवे को जोड़ता है।
हाईवे की तरफ पुल का एप्रोच में बड़ा गड्ढा हो गया है। जिसमें आए दिन वाहन फंस जाते हैं। लोक निर्माण गड्ढा भरवा कर मार्ग सुधारेगी जिससे लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।
नगर पालिका परिषद छोटे मार्गों का नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कराता है। पुलिस चौकी इंदिरा नगर से पुलिस लाइन चौराहे तक बाईपास 12 मीटर चौड़ा और करीब तीन किलोमीटर लंबा है। त्वरित विकास योजना के तहत सुदृढ़ीकरण का इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। बजट मिलने पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
- राजेश कुमार यादव, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग

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आठ करोड़ से संवरेंगे बाईपास के मार्ग - अमर उजाला
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परिक्रमा मार्ग पर चला अतिक्रमण हटाओ अभियान - अमर उजाला

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खोही (चित्रकूट)। कामदगिरि परिक्रमा मार्ग से सटे कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। जिसमें परिक्रमा मार्ग मेें प्राचीन कामदगिरी स्थान व लक्ष्मण पहाड़ी के पास दुकानदारों की अस्थाई दुकानें तोड़ी गई। इसके अलावा अस्थायी अतिक्रमण को भी तोड़कर हटाया गया।
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धर्मनगरी के कामदगिरी परिक्रमा मार्ग में कई स्थानों पर अतिक्रमण होने से श्रद्धालुओं को समस्या का सामना करना पड़ता था। इसको देखते हुए मप्र क्षेत्र के परिक्रमा मार्ग में शनिवार को अतिक्रमण अभियान चलाया गया।
अतिक्रमण कर बनाई गई कई दुकानों को जेसीबी मशीन से ढहा दिया गया। परिक्रमा मार्ग में रखी गुमटियों व टीन टप्पर में दुकान खोलने वालों का भी समान हटवाया गया। मझगवा तहसील के एसडीएम पीएस त्रिपाठी के नेतृत्व में नगर पंचायत चित्रकूट के कर्मचारियों ने अतिक्रमण को हटवाया।

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परिक्रमा मार्ग पर चला अतिक्रमण हटाओ अभियान - अमर उजाला
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मार्ग सुधारीकरण नहीं होने पर जताई नाराजगी - अमर उजाला

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असी गंगा घाटी क्षेत्र के ग्रामीणों ने मोटर मार्ग सुधारीकरण न होने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की धनराशि खर्च करने के बाद भी विभाग गंगोरी-अगोड़ा-डोडीताल मोटर मार्ग का सुधारीकरण नहीं कर पाया है। ग्रामीणों ने सुधारीकरण कार्य सिर्फ कागजों में किए जाने का आरोप लगाया है। जल्द मोटर मार्ग सुधारे न जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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वर्ष 2012 की बाढ में गंगोरी-अगोड़ा-डोडीताल मोटर मार्ग का काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। मार्ग से भटवाड़ी विकासखंड के आधा दर्जन से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। ग्राम प्रधान नौगांव नीलम रावत, अगोड़ा ग्राम प्रधान मुकेश रावत आदि ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2014 में मोटर मार्ग सुधारीकरण के लिए सवा 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई थी। इसमें से आठ करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च कर दी गई है, लेकिन मोटर मार्ग की स्थिति जस की तस बनी है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य अनुज पंवार, शैला देवी व सुनील राणा ने कहा कि मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा विभागीय अधिकारियों से भी कई बार पत्राचार किया गया है। बावजूद इसके ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को ज्ञापन सौंपकर जल्द मोटर मार्ग सुधारीकरण न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
- पुराने ठेकेदार ने लापरवाही से कार्य किया था, जिससे उसका अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। मरम्मत कार्य के लिए दोबारा तीन बार निविदाएं डाली गई है, लेकिन किसी ने निविदा नहीं भरी है। जिससे दिक्कतें आ रही हैं। -आशीष भट्ट, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई।

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सात वर्ष में नहीं बन सका ढाई किमी मोटर मार्ग - अमर उजाला

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बच्छणस्यूं पट्टी के नौखू, नौना व दानकोट गांव के लिए एक दशक पूर्व स्वीकृत ढाई किमी मोटर मार्ग का निर्माण सात वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। साथ ही निर्माणाधीन मार्ग पर नौखू के समीप भूस्खलन से खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल-खिर्सू मोटर मार्ग को भी नुकसान हो रहा है। यहां वाहन और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना है।
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वर्ष 2010-11 में जिला योजना में ढाई किमी नौखू-नौना-दानकोट मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया था। जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग ने वर्ष 2014 में खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल-खिर्सू मोटर मार्ग पर जीआईसी पित्रधार के समीप से मार्ग का निर्माण शुरू किया, लेकिन सात वर्ष बीत जाने के बाद भी ढाई किमी मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। अभी तक निर्मित करीब दो किमी सड़क भी देखरेख के अभाव में जहां खस्ताहाल हो गई है। वहीं, नौखू के समीप निर्माणाधीन मार्ग पर भूस्खलन जोन बन गया है, जिससे बच्छणस्यूं की लाइफ लाइन खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल-खिर्सू मार्ग तक मलबा पहुंच रहा है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य शूरवीर सिंह कंडारी, ग्राम प्रधान देवेश्वरी रौथाण, अमर सिंह रावत, सुनील सिंह रावत, पूर्व ग्राम प्रधान भूपति सिंह रौथाण, जयवीर रौथाण, धीरेंद्र सिंह रौथाण, अजय सिंह रौथाण का कहना है कि लोनिवि को कई बार स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। बावजूद न तो नौखू-दानकोट मार्ग का निर्माण पूरा किया जा रहा है और न निचली सड़क की सुरक्षा के इंतजाम हो रहे हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने बताया कि विभाग को दो किमी मार्ग की स्वीकृति मिली थी, जिसका कार्य पूरा हो चुका है। दानकोट तक सड़क पहुंचाने के लिए 800 मीटर स्वीकृति की जरूरत है, जिसके संबंध में विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी जरूरी निर्देश दिए हैं।

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उत्तराखंड: रोडवेज चालकों के लिए फरमान, तय मार्ग पर बस नहीं चलाई तो वेतन से कटेंगे पांच हजार - दैनिक जागरण

जागरण संवाददाता, देहरादून। अगर रोडवेज के चालक ने निर्धारित मार्ग पर बस का संचालन नहीं किया तो उसके वेतन से पांच हजार रुपये काटने का फरमान सुनाया गया है। सबसे ज्यादा शिकायत दिल्ली मार्ग पर आ रही। आरोप है कि चालक तय मार्ग के बजाए एक्सप्रेस-वे से बस ले जा रहे हैं और इस वजह से बसों में मेरठ, मोदीनगर, मोहननगर व गाजियाबाद के यात्री परेशान हो रहे, जबकि रोडवेज प्रबंधन को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा।

दून-दिल्ली मार्ग पर रोडवेज की ओर से तय मार्ग छुटमलपुर-रुड़की-मुजफ्फरनगर से मेरठ-मोदीनगर-मुरादनगर-गाजियबाद होकर है। मौजूदा समय में एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद ज्यादातर रोडवेज चालक समय और ईंधन बचाने के चक्कर में बसों का संचालन एक्सप्रेस-वे से कर रहे। पूर्व में यही शिकायत दून-रुड़की व सहारनपुर मार्ग के बीच आई थी, जब कुछ चालकों ने बसों का संचालन गागलहेड़ी एक्सप्रेस-वे पर शुरू कर दिया था।

इसमें छुटमलपुर व भगवानपुर से बसें नहीं जा रही थी, जबकि तय मार्ग यही है। अब चालक फिर अपनी मनमानी कर रहे। इस संबंध में रोडवेज के शिकायत प्रकोष्ठ में रोजाना दर्जनों शिकायत आ रही हैं। इस पर ग्रामीण डिपो एजीएम केपी सिंह ने आदेश दिए हैं कि सभी बस चालक निर्धारित मार्ग पर संचालन करें और जो चालक एक्सप्रेस-वे या बाइपास मार्ग से संचालन करते हुए पकड़ा गया, उसके वेतन से पांच हजार रुपये की कटौती करने के आदेश दिए गए।

पांच नए सीनियर फोरमैन नियुक्त

रोडवेज के प्रबंध निदेशक अभिषेक रूहेला ने पांच सीनियर फोरमैन-ग्रेड-2 को प्रोन्नत कर सीनियर फोरमैन-ग्रेड-1 के पद पर प्रोन्नति दी है। ग्रामीण डिपो में कसीम अहमद, टनकपुर डिपो में सुरेश चंद्र पांडे, काठगोदाम में इसम सिंह, ऋषिकेश डिपो में शशिकांत त्रिपाठी व मंडल कार्यशाला दून में सुखबीर सिंह इनमें शामिल हैं। साथ ही पांच कार्यालय सहायक को प्रधान लिपिक के पद पर प्रोन्नत किया गया है।

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Friday, December 3, 2021

बदहाली से जूझता जागीर-सगामई मार्ग - दैनिक जागरण

संवाद सूत्र, अजीतगंज: संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने के दावे लगातार हो रहे हैं, परंतु बहुत से संपर्क मार्गों तक विकास की यह बयार नहीं पहुंची। जागीर से सगामई जाने वाला रास्ता इसी अनदेखी से जूझ रहा है। गहरे गड्ढों के कारण हादसों का सबब बन रहे हैं।

विकासखंड जागीर से गांव सगामई तक जाने वाले संपर्क मार्ग की लंबाई करीब एक किलोमीटर है। करीब एक दशक पहले मंडी समिति द्वारा माइनर की पटरी पर संपर्क मार्ग का निर्माण कराया गया था। परंतु, इसके बाद मरम्मत तक की सुधि नहीं ली गई। वर्तमान में रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। काली गिट्टी और डामर पूरी तरह गायब नजर आता है। देखने पर यह किसी कच्चे रास्ते जैसा लगता है। किसी जनप्रतिनिधि ने भी इसे लेकर चिता व्यक्त नहीं की। इसी मार्ग पर ब्लाक कार्यालय जागीर, बीआरसी केंद्र जागीर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सगामई, पुलिस चौकी जागीर, बैंक ऑफ इंडिया, जिला परिषद, इंटर कालेज आदि स्थित हैं। हर रोज सैकड़ों लोग इस मार्ग का उपयोग करते हैं। गड्ढों और उखड़ी पड़ी सड़क के कारण आए दिन हादसे होते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दो पहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है। कवि दीन मोहम्मद दीन, राजा ठाकुर, कृष्णकांत, रामसेवक, दीपू यादव, राधा कृष्ण यादव, राजन अग्निहोत्री, पिटू राजपूत, दिनेश सक्सेना आदि ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मार्ग के डामरीकरण की मांग की है। एक दशक पूर्व मंडी समिति द्वारा संपर्क मार्ग का निर्माण कराया गया था। लेकिन मरम्मत कार्य कराने की सुध नहीं ली गई।

शिशुपाल सिंह गौर, सगामई बदहाल संपर्क मार्ग से सैकड़ों लोग हर रोज गुजरते हैं। गड्ढा युक्त सड़क होने के कारण हादसे हो रहे हैं। संपर्क मार्ग का डामरीकरण होना चाहिए।

जनवेद, जागीर

Edited By: Jagran

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बदहाली से जूझता जागीर-सगामई मार्ग - दैनिक जागरण
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मधुसूदन मार्ग से लेकर ट्रैफिक गेट तक बनी सड़क - दैनिक जागरण

जागरण संवाददाता, राउरकेला : मधुसूदन मार्ग की जर्जर सड़क से दुकानदारों सहित राहगीरों को निजात मिल गई है। जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को मधुसूदन मार्ग से ट्रैफिक गेट चौक तक जर्जर सड़कों के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया गया। इसके लिए सुबह से उक्त मार्ग को दोनों तरफ से अवरोध कर काम शुरू किया गया। इस कारण लोगों को जीटी लेन रोड तथा बिसरा चौक से घूम कर लोगों को मुख्य मार्ग आना जाना पड़ा। लेकिन सड़क निर्माण के एक दिन पूर्व इस रास्ते में पड़ने वाले दुकानदारों को विभाग की ओर से कोई सूचना नही दिए जाने से उनमें नाराजगी देखी गई। दुकानदारों का कहना था कि वे लोग सड़क निर्माण कार्य का विरोध नही कर रहे है। लेकिन विभाग की ओर से एक दिन पूर्व सूचित किए जाने पर लोग पहले से ग्राहकों को दूसरे रास्ते से आने को बोल सकते थे। मोबाइल मेडिकल वैन से लाभान्वित हुए लाखों लोग : अप्रैल 2017 से नवंबर 2021 तक कुल 16,34,782 लोग एमएमवी से लाभान्वित हुए हैं। इसकी जानकारी जिलापाल निखिल पवन कल्याण ने ट्विट कर दी है। कहा कि जनता के दरवाजे पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए 25 मोबाइल मेडिकल वैन (एमएमवी) सुंदरगढ़ जिले के सभी 17 ब्लॉकों में डीएमएफ कोष से मुहैया कराए गए है। जेपी हास्पिटल कैंटीन को मिला थ्री स्टार : राउरकेला स्मार्ट सिटी में ईट स्मार्ट सिटी चैलेंज के तहत जेपी हॉस्पिटल कैंटीन को ईट राइट कैंपस के रूप में 3 स्टार से सम्मानित किया गया है। भोजन तैयार करने में स्वच्छता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए यह प्रमाण पत्र एफएसएसआइ इंडिया द्वारा जारी किया गया है।

Edited By: Jagran

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मधुसूदन मार्ग से लेकर ट्रैफिक गेट तक बनी सड़क - दैनिक जागरण
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जोखिम भरा है सिढ़पुरा-सहावर मार्ग पर सफर करना - दैनिक जागरण

सिढ़पुरा, संवाद सूत्र : सिढ़पुरा-सहावर बाया मोहनपुर तक सड़क बदहाल हालत में है। इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा है। वाहन चालकों को तो परेशानी ...